मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में कैशलेस इलाज की व्यवस्था को बढ़ाकर चार लाख रूपए करने की घोषणा की है. अभी यह सीमा दो लाख रूपए की है.

इस योजना में प्रीमियम का 25 प्रतिशत अंश बीमा करवाने वाले पत्रकार को देना होता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत अंश मध्यप्रदेश सरकार देती है.

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित पत्रकारिता सम्मान समारोह को मंगलवार रात ये घोषणा की. उन्होंने कहा पत्रकारों की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता की राशि को एक लाख से बढ़ाकर चार लाख रूपए कर दी गई है. साथ ही पत्रकारों के कैमरे क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता राशि 25,000 से बढ़ाकर 50,000 रूपए करने की भी घोषणा की.

इसके अलावा, उन्होंने यह भी घोषणा की कि पत्रकारों को 25 लाख रूपए तक के आवास ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा.

जोखिम उठाकर करनी पड़ती है पत्रकारिता 

चौहान ने कहा कि 'पत्रकारिता असाधारण और चुनौतीपूर्ण काम है. पत्रकार को विभिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है. सूचना को खबर का आकार देने की तड़प और संघर्ष आसान नहीं होता है.'

उन्होंने कहा कि 'प्राकृतिक विपदा, साम्प्रदायिक तनाव या आतंकी घटनाओं की खबरों की खोज में कई बार पत्रकारों को जान का जोखिम भी उठाना पड़ता है.'

इस दौरान, मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015 एवं 2016 के लिए पत्रकारिता सम्मान से 30 पत्रकारों को अलंकृत किया, जिनमें नलिनी सिंह, रामबहादुर राय, रमेश पतंगे एवं अनिल दुबे शामिल हैं.

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