वॉशिंगटन। एजेंसी
डाटा लीक मामले के बाद से फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग दुनियाभर के निशाने पर हैं। जिसके चलते मंगलवार को जुकरबर्ग अमेरिकी सीनेट के सामने पेश हुए। उन्होंने डाटा लीक की जिम्मेदारी लेते हुए सीनेट से माफी मांगी। उन्होंने कहा, यह मेरी गलती है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। मैंने फेसबुक शुरू किया, मैं इसे चलाता हूं और यहां जो कुछ भी होता है उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। वहीं, जुकरबर्ग ने भारत में अगले साल होने वाले आम चुनावों के दौरान लोगों का भरोसा बहाल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, भारत में आगामी चुनाव के दौरान पूरी ईमानदारी बरती जाएगी। 
हम गलत इस्तेमाल नहीं रोक पाए: जुकरबर्ग  
उन्होंने कहा, अब यह स्पष्ट है कि हम इन टूल्स (उपकरण) का गलत इस्तेमाल होने से नहीं रोक पाए। हम फेक न्यूज, हेट स्पीच (घृणा से भरे भाषण), चुनावों में विेदेशी हस्तक्षेप, डेटा की निजता जैसे नुकसान को नहीं रोक पाए। अपनी गलती मानते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम न केवल टूल्स बनाए बल्कि इसका भी ध्यान दें कि उसका सही और बेहतर इस्तेमाल हो। 
'हम भारत में होने वाले चुनाव में ईमानदारी बरतेंगे'
33 वर्षीय सीइओ जुकरबर्ग ने कहा, '2018 पूरे विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष है। भारत, पाकिस्तान जैसे कई देशों में चुनाव होने हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि ये चुनाव सुरक्षित हो।' उन्होंने कहा, 2016 में हुए अमेरिकी चुनावों के बाद हमारी प्राथमिकता दुनिया भर में हो रहे चुनावों में ईमानदारी बरतने की है।
कैम्ब्रिज एनालिटिका को लेकर बोले मार्क जुकरबर्ग 

जुकरबर्ग ने कहा, 'हम जांच कर रहे हैं कि कैंब्रिज एनालिटिका ने क्या और कैसे गोपनीय जानकारी जुटाई है। अब हमें पता है कि उन्होंने किसी ऐप डिवेलपर से खरीद कर लाखों लोगों की जानकारी, जैसे नाम, प्रोफाइल पिक्चर्स और फॉलो किए जाने वाले पेजों की जानकारी गलत तरीके से जुटाई है।' जुकरबर्ग ने कहा कि यूजर्स की निजी जानकारियों को बाहरी लोगों से बचाने के लिए कंपनी ने कई कदम उठाए हैं। 
आज भी गवाही के लिए पेश होंगे जुकरबर्ग 
बता दें कि डाटा लीक मामले में मंगलवार को फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की अमेरिकी संसदीय समिति के समक्ष दो दिवसीय गवाही शुरू हो गई। लिखित बयान पढ़ते हुए उन्होंने कहा, 'डाटा का दुरुपयोग मेरी गलती थी और उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं।' कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा रहस्योद्घाटन के बाद जुकरबर्ग अमेरिकी संसद में गवाही के लिए तैयार हो गए थे। कैंब्रिज एनालिटिका का कहना था कि वह डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान से जुड़ी हुई थी और उसने चुनाव प्रभावित करने के लिए 8.7 करोड़ लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां हासिल की थीं।  सीनेट की वाणिज्य एवं न्यायिक समितियों के समक्ष जुकरबर्ग ने यह कहते हुए अपनी बात शुरू की, कि कैंब्रिज एनालिटिका को रोक पाने में असफल रहने की अपनी जिम्मेदारी वह स्वीकार करते हैं। जुकरबर्ग इसके लिए पहले भी कई बार लोगों और फेसबुक यूजर्स से क्षमायाचना कर चुके हैं। लेकिन अपने करियर में पहली बार वह अमेरिकी संसद के समक्ष पेश हुए हैं। बुधवार को वह ऊर्जा एवं वाणिज्यिक समिति के समक्ष पेश होंगे। इन गवाहियों के दौरान जुकरबर्ग न सिर्फ अपनी कंपनी की खोई हुई प्रतिष्ठा को हासिल करने की कोशिश करेंगे, बल्कि कुछ सांसदों की ओर से लगाए गए संघीय नियमों के उल्लंघन के आरोपों से भी बचने का प्रयास करेंगे।

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