वॉशिंगटन : फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कांग्रेस की दो दिवसीय सुनवाई शुरू होने पर मंगलवार को निजता संबंधी प्रकरण के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली. इस प्रकरण को लेकर फेसबुक के संबंध में सवाल खड़े हो गए थे. 

जुकरबर्ग ने नाकाम रहने की जिम्मेदारी ली
जुकरबर्ग ने सीनेट की वाणिज्य एवं न्यायपालिका समितियों के सामने अपनी टिप्पणियों की शुरूआत डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के अभियान से जुड़ी डेटा फर्म कैंब्रिज एनालिटिका को चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश में 8.7 करोड़ उपयोगकर्ताओं से निजी जानकारी एकत्रित करने से रोकने में नाकाम रहने की जिम्मेदारी लेते हुए की.

यह बड़ी भूल थी- जुकरबर्ग
जुकरबर्ग पहले भी उपयोगकर्ताओं और जनता से कई बार माफी मांग चुके हैं, लेकिन यह उनके करियर में पहली बार है जब वह कांग्रेस के सामने उपस्थित हुए हैं. वह सदन की ऊर्जा एवं वाणिज्य समिति के सामने भी बुधवार को बयान देंगे. सुनवाई में जुकरबर्ग ने अपनी कंपनी में लोगों का भरोसा बहाल करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा, 'हमने अपनी जिम्मेदारियों पर पर्याप्त रूप से बड़ा नजरिया नहीं अपनाया और यह बड़ी भूल थी.' 

मुझे इसका अफसोस है- मार्क
उन्होंने कहा, 'यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है. मैंने फेसबुक शुरू किया, मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं. इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है.' 

जुकरबर्ग की कंपनी विवादों के घेरे में
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया के दौरान उनके प्रचार अभियान से जुड़ी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका पर गोपनीय रूप से 8.7 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारी जुटाने का आरोप है. इन आरोपों के बाद जुकरबर्ग की कंपनी विवादों के घेरे में है.

इस्तीफा देने से क‍िया इनकार
फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने कंपनी की निजता नीति को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद इस्तीफा देने से सोमवार को इनकार कर दिया. उन्होंने हालांकि भारत, पाकिस्तान और अमेरिका में हुए चुनावों की पृष्ठभूमि में एक स्वतंत्र अन्वेषण समिति के गठन की घोषणा की. इस सप्ताह कांग्रेस में अपनी गवाही से पूर्व जुकरबर्ग सांसदों से मिलने के लिए अमेरिका की राजधानी पहुंचे हैं. 'अटलांटिक मैग्जीन' से साक्षात्कार में जुकरबर्ग ने इस्तीफा की संभावना से इनकार कर दिया.

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