रायपुर । स्व. बलीराम कश्यप मेमोरियल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर की मान्यता खतरे में है, हालांकि इसकी स्थिति प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेजों से बेहतर है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने एमबीबीएस सीट पर हुए निरीक्षण की रिपोर्ट जारी कर कमियां गिनाई हैं।

कॉलेज प्रबंधन को इन्हें दूर करने के लिए एक माह का समय दिया गया है, इसके बाद दोबारा निरीक्षण होगा। अगर कमियां दूर कर ली जाती हैं तो ठीक, वरना जीरो ईयर की तलवार लटक सकती है।

एमसीआई की वेबसाइट में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कॉलेज में 17.85 फीसद फैकल्टी की कमी है,जबकि 18.36 फीसद रेसीडेंट डॉक्टर नहीं हैं। चार की जगह दो ही एक्स-रे मशीन है, तो वहीं सीटी स्कैन मशीन तो है ही नहीं।

गौरतलब है की रायपुर और बिलासपुर के बाद 100 सीट की मान्यता हासिल करने वाला यह प्रदेश का तीसरा सरकारी कॉलेज है। यहां 100 सीट हैं, जिनमें से 50 को स्थाई मान्यता है, शेष 50 को अगर इस साल मान्यता मिल जाती है तो 100 स्थाई सीट हो जाएंगी। अभी पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में 150 सीट और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) में सौ स्थाई सीट हैं।

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