अनुज सक्सेना, रायपुर। राजधानी, जहां पूरी सरकार बैठती है, वहां की ज्यादातर सड़कों का घटिया निर्माण हुआ है। यह सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट से राजफाश हुआ है। पिछले साल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने यहां की 26 सड़कों का सैम्पल जांच के लिए भेजा था, उसमें से 15 का मटेरियल मानक के अनुस्र्प नहीं पाया गया।

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अमर अग्रवाल ने सड़कों की गुणवत्ता जांचने के लिए मोबाइल टीम बनाई है, जो सभी 168 नगरीय निकायों में जाकर न केवल रोड, बल्कि नाली और अन्य निर्माण की गुणवत्ता की जांच करती है।

पिछले साल मोबाइल यूनिट ने रायपुर नगर निगम के 16 वार्ड में बनी कंक्रीट की सड़कों के सैम्पल की जांच कराई। दो को छोड़कर 24 सड़कों की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस ग्रेड की गिट्टी, सीमेंट और रेत के मिश्रण का इस्तेमाल हुआ है, वह मानक के अनुस्र्प नहीं है। निगम प्रशासन के अनुसार ठेकेदारों और संबंधित अभियंताओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

घटिया सड़कों वाले वार्ड

यतियतन लाल वार्ड की पांच में से चार, भीमराव राव अंबेडकर वार्ड की चार में से दो, कुशाभाऊ ठाकरे व वीर सावरकरनगर वार्ड की दो-दो, सुभाषचंद्र बोस वार्ड, डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड, सुधीर मुखर्जी वार्ड, शहीद चूड़ामणि वार्ड, महामाया मंदिर वार्ड की एक-एक सड़कों में मानक के अनुस्र्प मटेरियल का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

ठेकेदारों का रोका पेमेंट

गुणवत्ताविहीन सड़कों का निर्माण करने वाले कुछ ठेकेदारों का पेमेंट रोका गया है, ताकि घटिया निर्माण वाली सड़कों को फिर से बनवाया जा सके। तीन-चार सड़कें उखाड़कर बनवाई भी हैं। जोन के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। - रजत बंसल, आयुक्त, नगर निगम

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