दमिश्क। एजेंसी 
सीरिया के सैन्य एयरपोर्ट पर रविवार को मिसाइल से हमला किया गया। सीरियाई मीडिया के मुताबिक करीब आठ मिसाइलें सैन्य एयरपोर्ट पर दागी गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार होम शहर के टर्मिनल चार एयरफील्ड में जोरदार धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। 
अमरीका को ठहराया जिम्मेदार 
इस हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार माना जा रहा है लेकिन अमरीका ने मिसाइल हमले से साफ इनकार किया है। खबर है कि सीरिया में विद्रोहियों के खात्मे के लिए रासायनिक हमलों का इस्तेमाल किया जा रहा है और इस कारण अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव उत्पन्न हो गया है। गौरतलब है कि शनिवार को सीरिया में विद्रोहियों के अंतिम बचे इलाके पूर्वी घोउटा में सेना ने हवाई और रासायनिक हमले किए हैं। निगरानी समूहों का दावा है कि इसमें 80 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और दर्जनों की संख्या में लोग नाजुक स्थिति में हैं।
रासायनिक हमले का विरोध
इससे पहले अमरीका और फ्रांस ने रासायनिक हमले पर कड़ा विरोध जताया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार शाम को ट्वीट करके इसका विरोध किया और सीरियाई सरकार को चेतावनी भी दी। ऐसा माना जा रहा था कि ट्रंप की चेतावनी के बाद ही मिलिट्री एयरपोर्ट पर यह मिसाइल हमले किए गए हैं। 
सीरियाई सरकार से वार्ता 
घोउटा के विद्रोही समूह जैश अल इस्लाम और सीरियाई सरकार के बीच वार्ता, युद्ध विराम की रिपोर्ट आ रही थीं। ऐसे में शनिवार और रविवार को हुआ यह हमला चौंकाने वाला था। आरोप है कि शनिवार को सीरियाई सेना ने क्लोरीन गैस से हमला किया। लेकिन सीरियाई सरकार, मीडिया और सहयोगी देश रूस इन रिपोर्ट को मनगढ़ंत बताया। उनका कहना है कि इस तरह के हमले सिर्फ अफवाह हैं।

परिवारों ने इलाका छोडऩा शुरू किया

पिछले हफ्ते रिपोर्ट आई थी कि कई विद्रोहियों और उनके परिवार वालों ने इलाके को छोडऩा शुरू कर दिया है। इस दौरान विद्रोहियों के समूह ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। हालांकि इस वीडियो की अब तक पुष्टि नहीं हो पाई।

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