न्यूयॉर्क: फेसबुक यूजर्स को सोमवार (9 अप्रैल) से उनके डाटा लीक होने के संबंधी जानकारी मुहैया कराई जाएगी. कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है. आज से करीब 8.7 करोड़ यूजर्स जिनका डाटा संभवत: ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ के साथ साझा किया गया होगा उन्हें एक विस्तृत संदेश और न्यूज फीड मुहैया कराई जाएगी. फेसबुक का कहना है कि डेटा लीक मामले के उसके अधिकतर यूजर्स (सात करोड़) अमेरिका में हैं, हालांकि फिलीपीन, इंडोनेशिया और ब्रिटेन में भी दस - दस लाख से अधिक यूजर्स हैं.

इसके साथ ही सभी 2.2 अरब फेसबुक यूजर्स को ‘प्रोटेक्टिंग योर इनफोर्मेशन’ नामक एक नोटिस एक लिंक के साथ मिलेगा, जिससे वे कौन सी एप का इस्तेमाल करते हैं और उन एप पर उन्होंने क्या जानकारी साझा की है उसकी जानकारी मिलेगी. अगर वे चाहें तो अलग - अलग एप को बंद कर सकते हैं या तीसरे पक्ष के दखल को पूरी तरह रोकने के लिए पूरी तरह उसे बंद कर सकते हैं ताकि उनसे जुड़ी किसी जानकारी पर किसी और की पहुंच संभव न हो पाए.

इससे पहले ब्रिटेन की डाटा एकत्रित करने वाली कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका से संबंधों की मीडिया रिपोर्टों के बीच सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने बताया कि उसने कनाडा की एक राजनीतिक कंसल्टिंग कंपनी ‘एग्रीगेटआईक्यू ’ को अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं. आरोप है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने चुनावों में प्रभाव डालने के लिये करीब 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डाटा लिया था. कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित फेसबुक ने शनिवार (7 अप्रैल) को एक बयान जारी कर कहा है कि ‘एग्रीगेटआईक्यू’ ने संभवत: फेसबुक यूजर्स से गलत तरीके से डाटा लिया. इसलिए ‘एग्रीगेटआईक्यू’ तक फेसबुक की तमाम पहुंच खत्म हो जायेगी.

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प के चुनाव प्रचार अभियान के लिये कैम्ब्रिज एनालिटिका की सहायता ली गयी थी. कंपनी ने बताया कि उसे तीन करोड़ फेसबुक यूजर्स से डाटा प्राप्त हुआ, लेकिन अमेरिका में वर्ष 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान में उसने इन डाटा का इस्तेमाल कभी नहीं किया. कई व्हिसलब्लोअर का कहना है कि ‘एग्रीगेटआईक्यू ’ ने ग्रेट ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से बाहर करने के लिये प्रचार अभियान पर काम किया था. ‘एग्रीगेटआईक्यू’ ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि वह कैम्ब्रिज एनालिटिका या उसकी मूल कंपनी एससीएल का हिस्सा नहीं है. कंपनी का कहना है कि उसकी कैम्ब्रिज एनालिटिका के जरिये फेसबुका डाटा तक पहुंच नहीं थी.

विदेश