वाशिंगटन। माइक्रो ब्‍लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने अपने प्‍लेटफार्म पर हिंसा जैसी गतिविधियों के लिए अनुपयुक्‍त बताते हुए गुरुवार को जानकारी दी वर्ष 2015 से अब तक इसने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले 10 लाख से ज्यादा अकाउंट को रद्द कर दिया है।

ट्विटर के नवीनतम रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई और दिसंबर 2017 के बीच इसने 274,460 अकाउंट रद्द कर दिए जो आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले थे। हालांकि पिछली रिपोर्ट के मुकाबले, यह आंकड़ा 8.4 फीसद कम है।

ट्विटर पर कई देशों का दवाब, आतंकवाद पर कसे नकेल - 

ट्विटर ने आगे कहा, 'सालों की कड़ी मेहनत के बाद हम अपने प्‍लेटफॉर्म को यहां तक लाने में सफल हुए हैं जहां आतंकवाद जैसी हिंसक चीजों के लिए जगह नहीं है। हमें यह बदलाव नजर भी आ रहा है।'

ट्विटर पर कई देशों की ओर से दवाब बनाया गया था कि इसके जरिए जिहाद और हिंसा फैलाने वाले लोगों और उनके अकाउंट पर नकेल कसे। अपनी रिपोर्ट में ट्विटर ने कहा कि 93 फीसद अकाउंट उनके आंतरिक टूल्‍स की वजह से रद्द करने में सफलता मिली, जबकि 74 फीसद अकाउंट उनके पहले ट्वीट से पहले ही सस्पेंड कर दिए गए।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में जितनी भी रिपोर्ट दर्ज हैं, वे अभी तक रद्द किए गए अकाउंट्स के 0.2 फीसद से भी कम हैं। इसने ह्यूमन राइट्स वॉच रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें सुझाव दिया गया है कि दुनिया भर की सरकारें सोशल मीडिया कंपनियों को सेंसर की तौर पर इस्‍तेमाल कर ऑनलाइन स्‍पीच पर पाबंदी लगा रही है।

विदेश