रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सली हमले में अपने दोनों पैर गंवाने वाले CRPF के जवान रामदास अब एक बार फिर मोर्चे पर दहाड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। रामदास CRPF की 208 कोबरा बटालियन के जवान हैं। तीन साल पहले क्रिस्टाराम में नक्सलियों से लोहा लेते हुए आइईडी ब्लास्ट में उनके दोनों पैर उड़ गए। उसके बाद से रामदास का इलाज चल रहा था।

CRPF के सहयोग से रामदास को आर्टिफिशियल पैर मिला और अब वह चलने फिरने की स्थिति में है। CRPF के आला अधिकारियों ने बताया कि रामदास का एक साल तक गहन चिकित्सा के बाद पैर का सफल ऑपरेशन हुआ।

अब वह चलने फिरने को पूरी तरह से तैयार है। रामदास ने इलाज के लिए CRPF का धन्यवाद देते हुए कहा कि अब वह एक बार फिर बस्तर में तैनात होना चाहता है और नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहता है। रामदास ने कहा कि पैर गंवाने के बाद वह लगातार यह सोचता रहता था कि उसकी जिंदगी अब अपने कदमों पर चलने के लायक कभी नहीं बन पाएगी।

लेकिन CRPF के सहयोग से उसको नई जिंदगी मिली है। इस जिंदगी को भी CRPF के लिए न्योछावर करने को तैयार हूं। बस्तर में आइईडी ब्लास्ट में पचास से ज्यादा जवान अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं नक्सलियों के खिलाफ पुलिस और CRPF के ज्वाइंट आपरेशन में वर्ष 2017 में 234 स्थानों से 1074 किलो आइईडी बरामद किया गया है।

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