बिलासपुर। कानन पेंडारी जू में प्रदेश का सबसे बड़ा मछली घर तैयार हो रहा है। 80 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ाई के इस हाल में मछलियों के शीशेयुक्त घरों को फीड करने का काम चल रहा है। दो से तीन दिन में यह का पूरा हो जाएगा। एक अप्रैल से पर्यटक मछलियों के इस संसार का लुत्फ उठा सकेंगे।

मछली घर को अपडेट करने के पीछे एक उद्देश्य कानन पेंडारी जू का कद बढ़ाना भी है। वर्तमान में यहां दो कमरे में मछली घर संचालित होता है। पर्यटकों के इस उत्साह देखते हुए ही इसे भव्य स्वरूप देने की योजना बनाई गई। इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।

संख्या बढ़ने से लार्ज जू की मान्यता मिलने में आसानी होगी। मछली घर तैयार करने के लिए जू प्रबंधन को अलग से बिल्डिंग के निर्माण की आवश्यकता भी नहीं पड़ी। यहां पहले से एक बड़ा हाल ही है।

जहां पहले विभागीय कार्याशाला, सेमिनार समेत बड़े कार्यक्रम होते थे पर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की सख्ती के बाद ऐसे आयोजन को बंद कर दिया गया। इसके बाद से इसका उपयोग नहीं हो रहा था। लिहाजा मछली घर के रूप में संवारने का काम शुरू किया गया। लगातार 20 दिन से काम चल रहा है और एक- दो दिन में इसे पूरा भी कर लिया जाएगा।

हर साल औसतन दो लाख सैलानी करते हैं दीदार 

जू के मछली घर का हर साल डेढ़ से दो लाख पर्यटक लुत्फ उठाते हैं। दरअसल इसके लिए जू प्रबंध ने शुल्क निर्धारित किया है। शुल्क के कारण कुछ नहीं जाते हैं। जबकि जू में भ्रमण करने पर्यटकों की संख्या सालाना 6 से 7 लाख है। अब प्रबंधन का मानना है कि नए स्वस्रूप में आते ही पर्यटकों में इजाफा होगा। साथ ही राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

नजर आएंगी 60 प्रजातियां

जू में पर्यटक एक साथ 60 प्रजातियों की मछलियों का लुत्फ उठा सकेंगे। पहले छोटी जगह होने के बाद 40 प्रजातियां रखी गईं थी। लेकिन उनका घर छोटा था। इसके कारण वह खुले रूप में तैरती नहीं नजर आती थी। यहां उनके घर का आकार बड़ा किया गया है। पर्यटक नजदीक से मछलियों को देख पाएंगे। इनमें ज्यादातर समुद्री मछलियां अरवाना, क्रोकोडायल फिस, फ्लावर हार्न आदि शामिल हैं।

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