मल्टीमीडिया डेस्क। फेसबुक लीक व इससे जुड़े प्राइवेसी संबंधी मामले खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे। समय के साथ-साथ यह मामला और गरमाता जा रहा है। ऐसे में फेसबुक के इस मामले में फंसने के बाद माइक्रोसॉफ्ट को अब कड़े नियमों की चिंता सताने लगी है।

कंपनी को डर है की इस मामले के बाद प्राइवेसी से जुड़े नियमों में बदलाव होगा। कंपनी ने साथ में यह भी कहा है की ब्लॉकचैन इस तरह की परेशानी को दूर करने में मदद कर सकता है।

फेसबुक के मुख्य मार्क जकरबर्ग के माफी मांगने के बाद भी प्राइवेसी का यह मुद्दा थम नहीं रहा। यूजर्स से लेकर पॉलिटिकल पार्टीज को डाटा चोरी की चिंता सताने लगी है। ऐसे में अन्य आईटी कंपनियों को भविष्य में कड़े नियम होने की चिंता सत्ता रही है।

माइक्रोसॉफ्ट की कार्यकारी उपाध्यक्ष (व्यापार विकास) पेग्गी जॉनसन ने एक इंटरव्यू में कहा, 'आने वाले समय में इस क्षेत्र या उद्योग को कड़े नियमों के साथ रेग्युलेट किया जाएगा और हमारा काम नियमों का पालन करना है। यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर हम हमेशा सजग रहे हैं और उनका डाटा सुरक्षित रखना हमारे लिए सबसे जरुरी है। हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।'

उन्होंने कहा, 'हमारा मानना है कि ग्राहकों का डाटा उनका अपना डाटा है। उसे सुरक्षित रखने में उनकी मदद करना हमारा काम है।' कंपनी की शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में उभरने वाली चिंताओं को दूर करने में सिर्फ प्रौद्योगिकी ही मदद कर सकती है, जिसके कथित दुरुपयोग के चलते समस्या खड़ी हुई है।'

जॉनसन ने कहा, 'प्राइवेसी और डाटा चोरी से जुडी समस्या का समाधान ब्लॉकचैन जैसी टेक्नोलॉजीज से किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह सुरक्षित होने के साथ-साथ पारदर्शी भी है। यह वास्तव में नियामकों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं के समाधान का एक हिस्सा हो सकता है।'

उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी अपने क्लाउड मंच अजुरे के माध्यम से इस तरह के समाधान का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी साइबर सुरक्षा पर काम कर रही है और 125 भारतीय कंपनियों को अपने डाटा को सुरक्षित रखने में मदद की है।

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