रायपुर। छत्तीसगढ़ भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। रेरा के अध्यक्ष के रूप में पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड के पद ग्रहण करने के बाद से रेरा के काम में तेजी आ गई है। कुछ दिनों पहले ही रेरा के दो सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है।

अब कार्यालयीन कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए मानव संसाधन प्रदाता कंपनियों (प्लेसमेंट कंपनी) से प्रस्ताव मंगाए गए हैं। कर्मचारियों की भर्ती में दक्षता को तरजीह दी जा रही है। रेरा ने इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कंपनियों के सामने ऐसी शर्तें रखी हैं कि छोटी प्लेसमेंट एजेंसियां इसमें भाग नहीं ले सकती हैं।

कंपनियों के चयन के लिए जो मापदंड निर्धारित किए गए हैं उसमें साफ किया गया है कि सेवा एजेंसी, गृह व्यवस्था अथवा सुरक्षा एजेंसी निविदा में भाग नहीं ले सकती हैं। निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों से कम से कम आठ सरकारी विभागों में सौ-सौ कर्मचारियों की सेवाएं दिलाने संबंधी दस्तावेज देना होगा। संस्था या कंपनी का मासिक टर्नओवर कम से कम 50 लाख होना चाहिए। इसके लिए उन्हें पिछले तीन साल का छह करोड़ सालाना टर्नओवर का प्रमाणपत्र देना होगा।

200 कर्मचारियों का लाइसेंस जरूरी

रेरा में कर्मचारियोें की सेवा देने के लिए कंपनी के पास श्रमिक अधिनियम 1970 के तहत मानव संसाधन उपलब्ध कराने का दो सौ कर्मचारियों का लाइसेंस होना अनिवार्य है। दो सौ कर्मचारियों का पिछले छह महीने का पीएफ और ईएसआईसी का चालान भी देना होगा। तीन साल की बैलेंस सीट भी देखी जाएगी।

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