-मेसर्स सौराष्ट्र इन्वाईरो प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. सूरत करेगी स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत कचरे का निष्पादन एवं निस्तारण
-37 एकड़ की भानपुर खंती का कचरा निष्पादन एवं निस्तारण हो जाने से 21 एकड़ की भूमि पर ग्रीन लैण्ड होगी विकसित
रवि गुप्ता। भोपाल
स्वच्छ भारत मिशन के महत्वपूर्ण घटक शहरी ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन अंतर्गत रखते हुए राजधानी भोपाल शहर में स्वच्छता संबंधी विभिन्न विकास कार्य करने के साथ साथ ‘भानपुर खंती’ में जमा पचास साल पुराने कचरे की तीन साल तक ‘जैविक खाद’ बनाने का ठेका गुजरात की कंपनी मेसर्स सौराष्ट्र इन्वाईरो प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. सूरत को मिला है। यह कंपनी को जैविक खाद के साथ साथ शेष कचरे का उपयोग ईंट, टाइल्स और पेविंग ब्लॉक इत्यादि बनाने का काम तीन साल तक करेगी। तथा ‘भानपुर खंती’ को ग्रीन लैण्ड के रूप में विकसित करने के लिए समतल करने का काम भी करेगी। जिसके लिए दो साल का समय दिया गया है। इस तरह पांच साल तक संपूर्ण कार्य करेगी। 37 एकड़ की खंती को 16 एकड़ में एकत्र करेगी। बाकी 21 एकड़ की  भूमि को ग्रीन लैण्ड के रूप में तैयार करने के लिए नगर निगम को समतल करके सौंपने का कार्य करेगी। इसके लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर पचास-पचास प्रतिशत के रूप में करोड़ों की राशि देगी। इस प्रोजेक्ट्स पर केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर सौ से डेढ़ सौ करोड़ रूपए कंपनी के ऊपर खर्च करेगी।  

वैज्ञानिक तरीके से करेंगे काम
जानकारी के अनुसार विगत पचास वर्षों से संपूर्ण शहर के ठोस अपशिष्ठ के निस्तारण का कार्य ‘भानपुर खंती’ स्थित लैण्डफिल साईट में किया जा रहा था एवं वर्तमान समय में भोपाल शहर के फैलाव के फलस्वरूप उक्त स्थल के समीप विभिन्न आवासीय बसाहट एवं व्यसायिक गतिविधियां प्रचलित है। शहरी पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान स्थिति में शहरी ठोस अपशिष्ठ/ गारबेज के व्यवस्थित निष्पादन एवं निस्तारण को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों एवं निर्धारित मापदण्डों के अनुसार शहरी ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के तहत ‘भानपुर खंती’ को वैज्ञानिक तरीके से बंद किए जाने एवं जैविक उपचार कार्य क्रियान्वयन हेतु तकनीकी सलाहकार के माध्यम से  विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीआर तैयार की जाकर संपूर्ण कार्य क्रियान्वयन प्रक्रिया का दायित्व गुजरात की कंपनी को 03 जनवरी 2018 को सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1970 के दशक में बनी ‘भानपुर खंती’ में रोजाना 600 से 700 टन कचरा पहुंचता है। खंती लगभग 37 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। उल्लेखनीय है कि ‘भानपुर खंती’ में जमा कचरे में अक्सर आग लगने और धुआं उठने की शिकायतें आ रही थीं। जिससे आसपास बसी बस्ती में रहने वाले रहवासियों को जानमाल का हमेशा खतरा बना रहता था। इसके साथ साथ खंती में जमा कचरे से नई नई बीमारियां भी जन्म ले रही थीं। 

37 एकड़ में 50 साल पुराना कचरा 
जानकारी के अनुसार ‘भानपुर खंती’ जोकि 37 एकड़ में फैली हुई है, इस खंती में पचास साल से 18 लाख मीट्रिक टन कचरा जमा हुआ है। इस कचरे से पचास प्रतिशत जैविक खाद बनाई जाएगी। बीस प्रतिशत आरडीएफ बनाई जाएगी। दस प्रतिशत टाइल्स व ईंट निर्माण की जाएगी तथा बीस प्रतिशत कचरा का छोड़ दिया जाएगा। 37 एकड़ की ‘भानपुर खंती’ का बचा हुआ बीस प्रतिशत कचरा 16 एकड़ में जमा करके रख दिया जाएगा। वाकी 21 एकड़ से कचरा का निष्पादन कर उसको खाली कर दिया जाएगा। 21 एकड़ की ‘भानपुर खंती’ को ग्रीन लैण्ड के रूप में विकसित करने का काम नगर निगम करेगी। ताकि आसपास बसी बसाहट को स्वच्छ हवा पानी मिल सके। जानकारी में बताया गया कि ‘भानपुर खंती’ को वैज्ञानिक तरीके से बंद किए जाने एवं जैविक उपचार कार्य क्रियान्वयन अंतर्गत निर्धारित 15 एकड़ भूमि के अलावा 6 एकड़ क्षेत्रफल की अतिरिक्त भूमि शहरी ठोस अपशिष्ठ नियम 2016 में दर्शित दिशा निर्देशों एवं निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप किया जाएगा। वैज्ञानिक पद्वति से जैविक उपचार के माध्यम से ठोस अपशिष्ठ को समग्र रूप से हटाया जाकर कुल 21 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। अनुबंध के अनुसार सभी प्रकार के कार्य ऐजेन्सी ‘भानपुर खंती‘ को वैज्ञानिक पद्वति से बंद किए जाने एवं जैविक उपचार का कार्य तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। इसके साथ-साथ संपूर्ण क्षेत्र के संधारण का कार्य आगामी पांच वर्षों तक किया जाएगा। 

कचरा निष्पादन की लगेगी यूनिटें
जानकारी के अनुसार गुजरात की कंपनी प्रतिदिन तीन सौ टन कचरा का निष्पादन करेगा। इसके लिए दो यूनिट लगाएगा। तीन साल में ‘भानपुर खंती’ के कचरे का अस्सी प्रतिशत निष्पादन करेगा और बीस प्रतिशत बचा हुआ कचरा 16 एकड़ में जमा करके रखेगा। जिसका निष्पादन करना असंभव होगा। उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2018 से भोपाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों से एकत्रित किए जाने वाला शहरी अपशिष्ठ ठोस का निष्पादन एवं निस्तारण ‘भानपुर खंती’ में बंद किया जा चुका है। वर्तमान समय में गुजराज की ऐजेन्सी मेसर्स सौराष्ट्र इन्वाईरो प्रोजेक्टस प्रा लि सूरज द्वारा साईट कार्यालय को स्थापित कर सेंपल के रूप में कार्य प्रारम्भ कर दिया है एवं क्रियान्वयन हेतु विभिन्न मशीनरी साईट पर मोबेलाईज की जाकर अनुबंध अनुसार ऐजेन्सी द्वारा डीपीआर तैयार किए जाने हेतु साईट सर्वे, कन्टूरिंग, मैपिंग एवं अन्य टेस्ट करना प्रारम्भ कर दिए हैं। कंपनी ने कचरे से कंपोस्ट बनाना शुरू कर दिया है। यहां पहले से लगे प्लांट को अब पूरी क्षमता से संचालित किया जा रहा है। यहां रोजाना औसतन 20 टन कंपोस्ट तैयार हो रहा है। यहां काम कर रही कंपनी अगले दो महीने में अन्य बिल्डिंग मटेरियल निर्माण का काम भी शुरू करेगी। इसके साथ ही यहां पड़े कचरे पर दवाओं का छिडक़ाव किया जा रहा है, ताकि उसकी बदबू आसपास के क्षेत्रों में न फैले। इसके अलावा कचरे को ऊपर-नीचे करके उसे सडऩे से रोका जा रहा है। 

इन्होने बताया
‘भानपुर खंती’ में जमा कचरे का निष्पादन करने का कार्य शुरू करने के पहले गुजरात की कंपनी सेम्पल के रूप में कर रही है। कंपनी ने यहां कचरे के सैंपल लेकर टेस्टिंग के लिए भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद कंपनी डीपीआर तैयार करेगी। रिपोर्ट आने के काद डीपीआर तैयार कर कंपनी शेष कार्य भी जल्द शुरू कर देगी।
- ओपी भारद्वाज, 
सिटी इंजीनियर (स्वच्छ भारत मिशन),
नगर पालिका निगम भोपाल
 

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