ग्वालियर.कश्मीर के राजाैरी सेक्टर में पोस्ट पर पाक रेंजर के मिसाइल हमले में शहीद राम अवतार सिंह ने दुश्मन से लड़ने के लिए दो महीने पहले ही सेना की किचन से निकलकर राइफल थामी थी। इसके लिए उन्होंने अफसरों से मंजूरी लेकर एग्जाम भी पास की थी। जवान राम अवतार को सेना की वर्दी पहनने का जज्बा बचपन से ही था। उन्होंने सेना की वर्दी पहनने के लिए अपनी बड़ी बहन के पास जमाहर गांव में रहकर स्कूली शिक्षा पूरी की थी। डेडबॉडी पहुंची तो परिवार के लोगों का रो- रोकर बुरा हाल...

- शहीद रामअवतार का डेडबॉडी जब उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। छोटी बहन वर्षा, मां अंगूरी और पत्नी का रो-रोकर हाल बुरा था।

- बच्ची के जन्म के समय जब वह घर आए थे, तब उन्होंने अपने भाइयों से बहन की शादी के लिए घर ढूंढने को लेकर चर्चा की थी।

- भाई महेंद्र ने बताया कि दो दिन पहले फोन पर बात हुई थी तब रामअवतार ने अप्रैल में घर आने की बात कही थी।

- रामवतार ने कहा था कि वह कोशिश कर रहा है कि होली पर छुट्टी मिल जाए और नहीं मिली तो अप्रैल में तो मिल ही जाएगी।

- रामअवतार की 2 बहन सुमित्रा और अनीता की शादी हो चुकी हैं। रामअवतार और उसके छोटे भाई शंकर की शादी एक ही परिवार की दो बहनों से हुई थी।

बेटी को वीडियो कॉल पर खिलाते थे

- शहीद की पत्नी रचना ने बताया कि परस ही राम अवतार ने वीडियो कॉल पर काफी देर तक मानवी को देखते हुए उसे खिलाया था।

देवी भक्त थे रामअवतार, बिना चप्पल पैदल जाते थे करौली

- रामअवतार के गांव के दोस्त खलक सिंह ने बताया कि रामअवतार देवी मां के भक्त थे। वह बचपन से ही बहुत पूजा करते थे और नवदुर्गा के दौरान वह उपवास करते थे और बिना चप्पल के रहते थे। पैदल ही वह करौली मां के दर्शन करने भी लगातार जाते थे। 

वह गांव आते थे तब सभी से मिलते थे

- रामअवतार गांव में सभी सभी का दुलारे थे, वह जब छुट्टी पर आते थे तब सभी से मिलते थे। बुजुर्गों का वह बहुत सम्मान करते थे। वह अपने पुराने मकान मालिक वृद्ध त्रिवेणी का बहुत लाड़ले थे और वह आते ही उनसे मिलने पहुंचते थे।

पाकिस्तान में घुसकर चार का बदले आठ मारेगी हमारी सेना

- भाई शंकर और आगरा से आए ससुर नौबतसिंह ने रुंधे गले से गुस्से में कहा कि पाकिस्तान में घुसकर हमारी सेना चार के बदले में आठ मारेगी और यह जल्दी ही होगा।

स्कूल व चौराहे के नामकरण की मांग

- शहीद राम अवतार के परिवार की मदद व गांव में उनके नाम पर स्कूल और चौराहे का नामकरण करने की मांग की। पत्नी और गांव वालों की ओर से दिए गए ज्ञापन में शहीद के भाई रामशंकर को पुलिस में नौकरी, मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक करोड़ व केंद्र की ओर से 50 लाख रुपए, बेटे दिव्यांश और बेटी मानवी की शिक्षा के लिए व्यवस्था करने समेत कई मांगें शामिल हैं।

साथी बोले- गोली लगने के बाद भी पीछे नहीं हटे

- जम्मू से आए सेना के अफसर एसए भट्ट ने शहीद की पत्नी रचना व बेटे दिव्यांश को शहीद राम अवतार की यूनिफार्म, तिरंगा व नगद राशि भेंट की।

- उन्होंने बताया कि पाक रेंजर ने फारूल पोस्ट पर रविवार को दोपहर लगभग 3 बजे मिसाइल का हमला करते हुए गोलीबारी की थी। हमारा दल वहां से कुछ नीचे था।

- कैप्टन कुंडु और रामअवतार सहित सभी जवान अचानक हुए हमले के बाद भी लड़ते रहे। गोली लगने के बाद भी सैनिक पीछे नहीं हटे।

- भट्ट ने बताया कि हम यह वर्दी इसीलिए पहनते हैं क्योंकि हम पीछे हटना नहीं जानते।

अंतिम संस्कार के स्थान को लेकर विवाद

- पहले गांव के पीछे स्थित श्मशान पर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की गई, तब गांव के कुछ लोगों ने श्मशान छोटा होने की बात करते हुए स्कूल के पास सरकारी जमीन पर अंतिम संस्कार का विचार दिया। अफसर भी सहमत थे।

- वहां तैयारी शुरू होती उससे पहले ही प्रशासन के अधिकारी के पास फोन पहुंचा और अंतिम संस्कार गांव के पीछे श्मशान पर करने के लिए तैयारी शुरू की गई। गांव वालों को पता लगा तो प्रशासन का विरोध करने लगे। तब स्कूल के पीछे मैदान पर ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।

 

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