रायपुर । केंद्र सरकार एक अप्रैल से बीपीएल परिवारों को स्मार्ट कार्ड पर पांच लाख रुपए का इलाज देने जा रही है, इसे नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (एनएचपीएस) नाम दिया गया है। छत्तीसगढ़ के 30 लाख परिवारों को इसका फायदा मिलेगा।

इसी योजना को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में भी लागू करने की तैयारी राज्य सरकार कर रही है, जिससे 24 लाख एपीएल परिवारों को भी पांच लाख रुपए तक का इलाज मिल सके। अभी इसकी सीमा 50 हजार रुपए है और बदलाव नहीं करने पर यह अप्रैल के बाद भी इतना ही रहेगा। केंद्र की नई स्कीम से राज्य के समक्ष नया संकट खड़ा हो गया है और अब इस पर रोजाना मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी है।

200 करोड़ का है अतिरिक्त भार

राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत 30 हजार तक की सुविधा मिल रही थी, इसे राज्य सरकार ने अपने खाते 20 हजार रुपए जोड़ कर अक्टूबर से पचास हजार रुपए किया है। इसी तरह एपीएल को भी यही सुविधा मिली हुई है, जो सीएम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आते हैं। रमन सरकार को इतने के लिए ही 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार उठाना पड़ रहा है।

सीएम रख चुके हैं अपनी बात जब केंद्र ने नई योजना की घोषणा की तभी सीएम डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने राज्य में चल रही योजना और केंद्र की योजना में भारी अंतर से पड़ने वाले वित्तीय असर पर चर्चा की थी।

- केंद्र ने हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम की घोषणा की है। अब हमारे प्रदेश के एपीएल परिवार जिन्हें 50 हजार रुपए स्मार्ट कार्ड में मिल रहे हैं, क्या उनकी राशि भी केंद्र की स्कीम के बराबर की जाए, इस पर अभी शासन स्तर पर चर्चा की जा रही है। अप्रैल तक निर्णय ले लिया जाएगा। - सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

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