रायपुर। जिला प्रशासन प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत युवाओं को लोन दिलाने में नाकाम रहा है। अब तक लक्ष्य के सिर्फ पचास फीसद युवाओं को ही लोन दिलाया जा सका है। बाकी युवाओं के प्रस्ताव जिला प्रशासन और जिला उद्योग विभाग द्वारा पास करने के बाद भी बैंकों ने खारिज कर दिए।

रायपुर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 125 युवाओं को लोन देने का लक्ष्य है, लेकिन सिर्फ 59 को युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन मिल पाया है। जिला उद्योग विभाग की ओर से विभिन्न बैंकों से लोन दिलाने के लिए सालभर में 299 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें से 102 को बैंकों ने खारिज कर दिया है। 138 प्रस्ताव अभी तक लंबित हैं । इस वित्तीय सत्र यानी 31 मार्च तक टारगेट पूरा करना है। टारगेट पूरा करने के लिए सिर्फ 20 दिन बचे हैं, जिससे अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं।

कलेक्टर की फटकार के बाद भी बैंकों ने नहीं बदली चाल

26 फरवरी को कलेक्टर ओपी चौधरी ने सभी बैंकों के प्रबंधकों की बैठक लेकर 7 मार्च तक टारगेट पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी बैंकों ने अपनी चाल नहीं बदली।

सीएम युवा स्वरोजगार में भी 50 फीसद नहीं पहुंचा आंकड़ा

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में भी टारगेट के पचास फीसद से कम युवा को लोन मिल पाया है। इस साल रायपुर में 30 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन दिलाने का लक्ष्य था, लेकिन सिर्फ 13 को मिल पाया। 94 प्रकरण बैंकों में पेंडिंग हैं। कुछ के तो लोन स्वीकृत होने के बाद भी बैंक उन्हें चेक या नकद राशि देने में कोताही बरत रहे हैं। न केवल निजी बैंक, बल्कि राष्ट्रीयकृत बैंक भी ऐसा कर रहे हैं। यही वजह है कि अब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।

ये हैं प्रमुख योजनाएं

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रमः इसके तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में युवाओं को रोजगार के लिए बैंकों के माध्यम से लोन दिया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र के लिए अधिकतम 25 लाख और सेवा उद्योग के लिए 10 लाख रुपए तक लोन मिलता है।

स्टैण्ड अप योजना : अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों और महिला उद्यमियों को स्टैण्ड अप योजना के तहत 10 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक का लोन व्यापार या उद्योग के लिए दिया जाता है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनाः मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनाओं का शुभारंभ 2013 में हुआ। इसके जरिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार सृजन के उद्देश्य से उद्योग के लिए 25 लाख, सेवा के लिए 10 लाख और व्यवसाय चलाने के लिए 2 लाख रुपए तक लोन दिया जाता है।

कलेक्टर ने सभी बैंकों को टारगेट पूरा करने के लिए 7 मार्च तक का समय दिया था, लेकिन अभी तक टारगेट के पचास फीसद युवा को ही लोन मिल पाया है। 20 दिन बचे हैं इसलिए हम प्रयास में लगे हैं कि युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं का फायदा मिल सके।- टीआर बैद्य, महाप्रबंधक, जिला उद्योग विभाग , कलेक्टोरेट शाखा रायपुर

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