नई दिल्ली: महंगे बॉन्ड यील्ड से निवेशकों की नींद उड़ी है. अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88 फीसदी तक पहुंच चुका है. यही वजह है कि अमेरिकी बाजारों में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड हाई से 7 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं. इस गिरावट ने बीते एक साल की बढ़त गंवा दी है. बिकवाली के दबाव में अमेरिकी बाजारों का एसएंडपी 500 इंडेक्स और डाओ जोंस इंडस्ट्रीयल इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा टूट गए हैं. 

डाओ जोंस 1175 अंक टूटा
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88 फीसदी तक पहुंच चुका है. बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से सोमवार के कारोबार में भारी बिकवाली देखने को मिली. जिससे डाओ जोंस 1175 अंक यानी 4.60 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 24,345.75 अंक पर बंद हुआ. एक समय डाओ जोंस 1500 अंक टूट गया था. वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 113 अंक यानी 4.10 फीसदी लुढ़ककर 2,649 अंक पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 273 अंक यानी 3.78 फीसदी टूटकर 6,968 अंक पर बंद हुआ. 

क्या है अमेरिकी बाजारों में गिरावट की वजह
अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड यील्ड 2.85 फीसदी पर पहुंच चुका है. बॉन्ड यील्ड बढ़ना ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत होता है. वहीं, पिछले महीने जॉब डाटा भी बेहतर आया. इससे अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता बढ़ गई है.

शुक्रवार को भी 666 अंक टूटा था डाओ जोंस
अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने के डर से शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली थी. अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड यील्ड 2.85 फीसदी पर पहुंच गई है. बॉन्ड यील्ड बढ़ना ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत होता है. जिससे डाओ जोन्स 666 अंक गिर गया था.

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