नई दिल्लीः आखों की रोशनी कम होने के कई कारण हो सकते हैं. आखों की रोशनी जब प्रभावित होती है तो इसे दृष्टि दोष कहते हैं. आखों की रोशनी में कमी आने का सबसे बड़ा कारण बढ़ती उम्र हो सकती है इसके अलावा लगातार कंप्यूटर पर काम करते रहने से या फिर आखों संबंधी किसी बीमारी के चलते भी दृष्टि में दोष उत्पन्न हो सकती है. हालांकि दृष्टि दोष के और भी कारण हो सकते हैं जैसे नर्वस होना, मधुमेह, अधिक धुम्रपान और शराब के सेवन से भी आखों की रोशनी प्रभावित होती है. आखों की रोशनी का इलाज के लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं, लेकिन आप इसका इलाज आयुर्वेद से भी कर सकते हैं.

आहार
अपने शारीरिक सेहत के लिए खान-पान का महत्व तो है ही लेकिन डाइट में कुछ अच्छे तरीकों को जोड़ने से आपके आखों की रोशनी में काफी सुधार आ सकता है. अगर आप अपने डाइट में अंगूर और सेव का नियमित सेवन करते हैं तो यह आपके आखों के लिए काफी फायदेमंद होगा. पालक के सेवन से शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में सहायता मिलती है. यह आखों के लिए जरूरी होता है. इसके अलावा गाजर और खीरे का सेवन भी करना चाहिए. आखों के लिए विटामिन ए काफी फायदेमंद होता है इसके लिए आप शलजम, टमाटर, संतरा और खजूर का सेवन करें. आखों की अच्छी रोशनी के लिए मानसिक तनाव कम करना जरूरी है इसके लिए आप नियमित रूप से बादाम का सेवन कर सकते हैं.

आयुर्वेदिक विधियों से दृष्टि में सुधार

  • शहद और एक चम्मच इलायची के मिश्रण का उपयोग करें.
  • आयुर्वेदिक जड़ी बूटिंयां जैसे लहसुन और आंवला आखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है.
  • दृष्टि में सुधार के लिए पैरों के तलवों पर थोड़ा घी रगड़ना फायदेमंद है.
  • प्राणायाम से भी आखों की रोशनी में सुधार होती है.
  • त्रिफला फल आखों के लिए शक्तिशाली दवा है. यह मोतियाबिंद को बढ़ने से रोकता है.

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